बुआ की चड्डी का छेद

हेलो फ्रेंड्स आप सब लोगो को मेरा नमस्कार. मेरा नाम मनीष सिंह है और मैं इंदौर का रहने वाला हूं. मेरी उम्र इस वक़्त 25 साल की है. मैं आज आप लोगों को एक कहानी सुनाने जा रहा हूं. यह एक इंसेस्ट सेक्स स्टोरी है जिसमें मैंने अपनी एक बुआ के साथ सेक्स किया था और यह घटना उस समय की है.

मुज को सेक्स के बारे में लग भग कुछ कुछ पता था. बचपन में मेरे गांव के दोस्तों ने बताया था और तब से मुझ को सेक्स करने की बहुत इच्छा होती रहती थी. मैं जब भी किसी औरत के साथ सोता  जैसे की मां बुआ और कोई भी लेडी तभी तो वह जब सो जाती थी तो मै धीरे धीरे उनकी साडी और पेटीकोट उठाता था, और उनकी पैंट के ऊपर से गांड और टच को करता था, और उनके ब्लाउज के बटन खोल कर उनके बूब्स को भी टच कर ने की कोशिश करता रहता था. लेकिन मुझे यह सब करते वक्त डर भी बहोत लगा रहता था की अगर कोई उठ गया तो मेरा क्या होगा. मेरी फैमिली की लग भग सारी औरतें रात को भी साड़ी पहनती है.

तो अब में स्टोरी पर आता हूं. तब मेरी गर्मियों की छुट्टियां चल रही थी और मैं घर में बोर होता रहता था. तभी कुछ दिन बाद हमारे घर में मेरी छोटी बुआ गीता और फूफा घूमने के लिए आए थे. वह हमारे यहां एक दिन रूके थे. मेरी छुट्टियां चल रही है यह बात जान बुआ ने पापा को मुझे अपने साथ गांव ले जाने की बात कही. पापा ने बुआ को हां कर दी मैं बहुत खुश हुआ. हम लोग अगले ही दिन सुबह निकलने वाले थे. मम्मी ने मेरी सारी पेकिंग और मेरे जाने की सारी तयारी रात को ही कर डाली थी.

और फिर हम लोग अगले दिन सुबह १० बजे गाव के लिए बस में बैठ कर निकल गये थे. फूफा जि का  गांव काफी छोटा है और छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में है. हम लोग रायगढ़ स्टेशन में रात को २ बजे पहुंचे. इतनी रात को उस वक्त स्टेशन से गांव जाने के लिए कोई वाहन नहीं था तो हम लोग रात को स्टेशन में ही रुक गए और जैसे तैसे सो गये. और फिर अगले दिन सुबह ६ बजे हम लोग एक बस में स्टेशन से गांव के लिए रवाना हुए. वह बस मेरे फूफा के गांव के अंदर नहीं जाती थी. हम लोग एक दूसरे गांव में ही उतरे जहां से फूफा का गांव करीब 3 किलोमीटर पड़ता था. और वहां से हम सब लोग पैदल फुफा के गांव सबेरे ८ बजे तक सुबह के पहुंच गए.

फूफा के घर में फूफा, बुआ और बुआ की सासुमा रहती थी. सभी लोग बहोत ही अच्छे थे. फूफा खेती करते थे पर अच्छा कमा लेते थे. उनका घर भी अच्छा था. उनके कोई बच्चे नहीं थे  इसलिए मुझ को सभी लोग बहुत ही ज्यादा प्यार करते थे और मेरी हर बात को मानते भी थे. उस वक्त मेरी बुआ की उमर लगभग 40 साल की थी और फूफा की उमर 42 साल थी. बुआ भी खेती में फूफा की मदद करती थी और वह भी खेत में फूफा के साथ काम करने  के लिए जाया करती थी.

तब मैं दादी के साथ घर में रुकता था और आस पास के बच्चों के साथ बहोत मजे कर के खेलता रहता था. उनके घर में चार रूम थे लेकिन कोई भी रूम में नहीं सोता था. सभी बाहर बरामदे में या फिर आंगन में सोते थे. आपको तो पता हे की गाव में बहार खुले आसमान के निचे सोने का मजा ही कुछ ओर होता हे. और मुझे भी किसी भी गाव में जाकर बहार सोना बहोत ही ज्यादा पसंद था. मैं और बुआ एक साथ एक ही खटिया में सोते थे. मैं अब आपको बुआ के बारे में बताता हूं उनका रंग सांवला है लेकिन फिर भी वह मुझको बहुत सुंदर लगती है. उनके बूब्स बहुत बड़े बड़े और मस्त एकदम से टाइट है. उनका शरीर तंदुरुस्त है की गांड बहुत मोटी है और उसकी कमर बहोत ही सेक्सी तरीके से इधर उधर चलती हे. और वह हमेशा साड़ी पहने हुए रहती है.

मैं रोज रात को बूआ की साड़ी को कमर तक उठा देता था. उनकी टांगों को और चूत और  गांड को पेंटी के ऊपर से टच करता था और में उसके मस्त गोर गोर और दूध से भरे बूब्स को भी टच करने की कोशिश किया करता था. बुआ तो खेत में काम करने की वजह से और बाद में घर का सारा काम करने की वजह से बहुत थकी हुई होती और गहरी नींद में सो जाती थी. उनको कुछ पता नहीं चलता था लेकिन वह उठ जाये गी इस डर के कारण में बस इतना करते ही सो जाता था. में तब मेरा लंड भी नहीं हिलाता था. उस वक्त मेरा लंड खड़ा होने पर ३ इंच का हो जाता था.

गांव के घरों में टॉयलेट और बाथ रुम नहीं होता था और फुफा के घर में भी टॉयलेट और बात रूम नहीं था. मैं सभी लोग टॉयलेट करने  के लिए खेतो में और नहाने के लिए तालाब मैं जाते थे. में भी मेरे फूफा जि के साथ खेतों में टॉयलेट के लिए जाता था और नहाने के लिए भी उनके ही साथ जाता था. तभी एक दिन मेरे फूफा को किसी जरुरी काम से शहर जाना पड़ा था, इसलिए वह हम लोगों को बोल कर गए थे की में तीन चार दिन में वापस आऊंगा. यह सुन कर में भी फूफा के साथ जाने की जिद करने लगा लेकिन उन्होंने कहा की में अपने खेती के लिए पैसे जमा करने के लिए जा रहा हु और वहा पर में बहोत चलना पड़ेगा और दिन भर धुप में घूमना पड़ेगा और तू चलेगा तो तू बीमार पड़ जायेगा. और इसीलिए तू यही पर रुक कर अपनी बुआ के साथ खेत पर जाकर हमारे खेत का ध्यान रखना. मैने मन में सोचा के चलो ठीक हे इसी बहाने से मुझे बुआ के साथ कुछ करने का मौका भी मिला सकता हे. चाचा के जाने के बाद मैं बुआ के साथ टॉयलेट के लिए गया बुआ ने मुझे एक झाड़ी के पीछे बैठने के लिए बोला और वह थोड़ी दूर पर एक बड़े पेड़ के पीछे जाकर बैठ गई. मैं बुआ को नहीं देख सकता था मुझको उनकी गांड देखने की बहुत इच्छा हो रही थी क्योंकि मैं पहले कभी किसी नंगी ओरत की गांड और चूत नहीं देखी थी. मैं बुआ की तरफ नहीं जा सकता था क्योंकि वह मुझे देख लेती तो गुस्सा करती और शायद समझ भी जाती इसलिए मैंने कंट्रोल किया और मैंने खुद को शांत कर लिया.

थोड़ी देर बाद हम लोग खेत से नीकल कर नहाने के लिए तालाब के पास गए. मैने सोचा चलो अब तो बुआ नहाने के लिए अपने कपडे जरुर उतारेगी और मुझे कुछ न कुछ तो देखने को मिल ही जायेगा. वहां मैंने बुआ की नंगी बूब्स देखी जब उन्होंने उनके ब्लाउज को निकाला और पेटिकोट को अपने बूब्स तक चढ़ा लिया. पेटीकोट नीचे से बुआ की घुटनों तक था. बुआ के बूब्स सांवले थे और बड़े बड़े बड़े दूध से भरे हुए दिख रहे थे. मैंने बहुत सी औरतों के बूब्स देखे थे इसलिए यह कोई बड़ी बात नहीं थी मेरे लिए. मुझको तो बस कुछ भी कर के गांड और चूत को देखना था. नहाने के बाद हम घर आए और नाश्ता किया. नाश्ता करने के बाद बुआ  खेत में जाने लगी क्योंकि उसे खेतो में पानी डालना था.

और वह साथ में दोपहर का खाना भी लेकर जा रही थी. क्योंकि पूरा दिन उसे वाही खेतो में रुकना था. तो मैंने बुआ से कहा कि मैं भी उनके साथ चलूंगा तो बुआ ने हां कहा और मेरे लिए भी खाना ले लिया. और फिर हम दोनों दादी को घर का ध्यान रखने के लिए बोल कर खेत को निकल गये. खेत घर से १ किलोमीटर दूर था वहां आसपास  सभी खेतों में फसल लगी हुई थी.

हम खेत के पास पहुचे तो वहा खेत के पास एक छोटी सी झोपड़ी थी जो हमारी थी.  वहां हमने खाने का डिब्बा रखा और पास के तालाब में गए जहां से पानी लाना था. गर्मियों के दिन थे तो धुप भी बहुत थी. हमारे पसीने से कपड़े भीग गए थे. बुआ के बूब्स पसीने से ब्लाउज के बहार जलक रहे थे. फिर बुआ ने तालाब से खेत तक पानी का रास्ता बनाया मैंने उनकी मदद की. फिर हम लोग झोपड़ी में आकर बैठ गए. उस वक्त 11:00 या 12:00 बज रहे थे. गर्मी की वजह से बूआ अपनी साड़ी के पल्लू से हवा कर रही थी उनके क्लीवेज मुझ को दिख रहे थे. हम बात करने लगे और एक घंटे के बाद बुआ ने कहा की चल अब हम खाना खा लेते हे मैने भी हां कह फिर बुआ ने मुझको कहा कि मैं थोड़ी देर में आ रही हूं. मैंने हां कहा.

और बूवा झोपड़ी के बाहर झोपड़ी के पीछे की और गयी  मैंने सोचा शायद बुआ मुतने गई है, और मैं भी उनके पीछे बाहर गया और जोपडी के पीछे साइड गया तो जोपडी के पीछे एक पेड़ था और पेड़ के पीछे बुआ मुत रही थी. मैं झोपड़ी के पास छिपा था. मुझको वह से सिर्फ बुआ की गांड ही दिख रही थी क्योंकि बुआ पेड़ की वजह से दिखाई नहीं दे रही थी. बुआ की गांड का रंग सांवला था. मुझको बुआ की मुतने की आवाज़ आ रही थी. मेरा लंड बुआ की गांड देख कर तनतना उठा मैं उस को कंट्रोल नहीं कर पा रहा था. और मैंरे लंड में दर्द होने लगा. मुझको बुआ की चूत नही दीखी थी. थोड़ी देर में मूत की आवाज़ कम हुई.

तो मैं वापस जोपड़ी की और जाने लगा लेकिन जैसे ही मैंने बूआ से नज़र हटाई और नजर घुमाई आई और आदमी जो कि लगभग दो तिन खेत के उस पार खड़ा होकर बूआ को देख रहा था वह मुझे दिख गया. और उसने भी मुझे बुआ को देखते हुए देख लिया. फिर मैं जल्दी से जोपड़ी में आ गया और अपना लंड  एडजस्ट करके बैठ गया. फिर बुआ आई और  उसने हाथ धोया फिर हम खाना खाने लगे. में अभी भी बुआ की नंगी गांड को ही सोच रहा कि बुआ की चूत कैसी होगी मेरा लंड छोटा था इसलिए मेरा खड़ा लंड नहीं दिख रहा था.

फिर हमने खाना खत्म किया और खेत में पानी का लेवल देखने चले गए. फिर वहां वह आदमी आया जो बुआ को सुसू करते हुए देख रहा था और मुझको भी उनको देखते हुए देख लिया था. दरअसल वह भी बुआ के गांव का एक किसान था जो अपनी फसल देखने वहां आया था. उस आदमी ने बुआ को पूछा क्या करने आई हो? तो बूआ ने बताया कि वह यहां पानी डालने आई है. फिर उस आदमी ने मेरे बारे में पूछा तो बुआ ने बताया कि यह मेरा भतीजा है छुट्टियों में यहां आया है. दरअसल उस का नाम मान सिंह था उसने मुझे कहा कि तुजे आम खाना है? तो मैंने हां कहा उसने बुआ से पूछा मैं उसको पास के खेत में आम के पेड़ हे  हैं वह खिलाने के लिए ले जाता हूं. बुआ ने हा कह दिया फिर मुझ को एक आम के पेड़ के पास ले गया मुझ को एक आम तोड़ कर दिया और पूछने लगा.

वह : क्यों छोटे क्या देख रहा था जोपडी के पास छुप कर?

मैं एकदम चुप रहा उस ने फिर पूछा बताना क्यों शर्मा रहा है

मैंने कहा : मैं कुछ भी नहीं देख रहा था (मुझे डर लग रहा था)

उसने कहा : चल झूठ मत बोल मैं किसी को नहीं बताऊंगा तू डर मत

मैंने कहा : कुछ भी तो नहीं देख रहा था

उसने कहा मैं तुम्हारी बुआ की गांड बहुत बार देख चुका हूं बहुत मस्त गांड हे उसकी. मुझ को उसको चोदना है.

मुझ को गुस्सा आ रहा था लेकिन मेरा लंड उसकी बात सुनकर खड़ा हो रहा था.

फिर उसने मुझको कहा अच्छा चल जा अब आम लेकर तो मैं वहां से आम लेकर झोपड़ी में चला गया. बुआ वहां बैठी थी और फिर हम वहा आम खाते खाते बातें करने लग गये. और वक़्त बीतने लगा फिर शाम को 6:00 बजे हम लोग वहां से पानी बंद करके घर के लिए निकल गए. रास्ते में मुझको सुसू आई तो मैंने बुआ को कहा तो बुआ ने कहा यही कर ले.

मैं वहां अपनी लूली निकाल कर सूसू करने लगा और बुआ भी थोड़ी दूर जाकर मूतने लगी तब मैंने उनकी गांड फिर से देख ली और मेरा फिर से तन गया. फिर बुआ उठी और अपनी चड्डी चढाने लगी जब मैंने ध्यान से देखा की चड्डी में छेद था, जो लगभग कोल्ड्रिंग बोतल के ढक्कन के बराबर था. उस वक्त मैने डिसाइड किया कि आज तो कुछ भी हो जाए मैं उनकी चड्डी के छेद में लंड घुसा गांड के छेद तक ले जाऊंगा. फिर हम घर पहुंचे और ९ बजे खाना खाकर हम लोग १० बजे सो गए. आधे घंटे में गहरी नींद में सो गई. मैने उनको  आवाज लगायी और उनको हिलाया लेकिन उन्होंने कोई रिस्पांस नहीं दिया. मैं समझ गया की बुआ गहरी नींद में है. मैं चड्डी और बनियान में सोता था. मैंने अपनी चड्डी से अपना लंड निकाला जो बुआ की गांड के लिए ३ इंच का हो चुका था. बुआ का चेहरा मेरी तरफ था. मैंने साड़ी उठाना शुरू की और थोड़ी देर बाद उसको कमर तक पहुंचा दिया.

फिर मेरी बुआ की चड्डी के ऊपर हाथ लगाया वह चूत वाला हिस्सा था. पर छेद तो गांड की तरफ था. फिर भी मैं कुछ देर तक वहा उंगलियां फेरता रहा. मुझको मजा आ रहा था मेरा लड़ कडक बन गया था और दर्द कर रहा था.

मैंने फिर अपने दूसरे हाथ से बुआ के बूब्स को टच किया और उस को दबाने लगा और ब्लाउज को ऊपर का दो बटन खोल दिया. फिर में उनके नंगे दूध को टच करने लगा फिर मैंने उनके बूब्स को जोर से दबाया तो वह थोड़ा हिली लेकिन उठी नहीं और करवट बदल दी. और अब उनकी गांड मेरी तरफ थी, मैं देर नहीं करना चाहता था. बुआ की साड़ी पीछे से कमर तक नहीं उठी थी.

तो मैंने उस को कमर तक उठाया और फिर पेंटि का छेद ढूंढने लगा. फिर मुझे वह मिल गई उसने मेरा लंड आराम से घुस सकता था. फिर मैंने अपनी एक उंगली घुसाई और गांड की छेद ढूंढने लगा. थोड़ी देर बाद वह छेद मुझे मिल गया और मुझे जन्नत का एहसास होने लगा. और बुआ की गांड इतनी मुलायम थी की क्या बताऊ आप लोगों को? मेरी फट भी रही थी  की बुआ जाग गयी तो  क्या होगा. लेकिन चुदाई का नशा ऐसा होता है की सब डर भुला देता हे. बुआ की मोटी गांड की छेद में मैंने अपनी उंगली थोड़ी अंदर कि तो मुझे एक लकीर मिली जो कि बुआ की चूत तक जा रही थी.

मैं उस लकीर के सहारे अपनी उंगली को थोड़ा थोड़ा अंदर दबाकर चूत के छेद तक ले गया वहा पर जाते हुए मेरी उंगली गीली हो चुकी थी. बुआ की चूत बहुत बड़ी थी बहुत बड़ी और बहोत मुलायम थी. मैंने उंगली थोड़ी अंदर डालने की कोशिश की तो बुआ हिली और मैं फ़ौरन उंगली बाहर निकाल कर आंख बंद कर दिया और सो गया. बुआ उठी नहीं थी बस हिली थी. में तब बहोत डर गया था.

फिर थोड़ी देर बाद मैंने फिर से अपना कार्यक्रम शुरु किया और डिसाइड किया कि इस बार लुल्ली भी अंदर डालूँगा. फिर मैंने चड्डी के छेद में लंड डालने लगा उसके छेद में लंड नहीं घुस रहा था. और बड़ी मुश्किल से मेरा थोडा अंदर घुसा था. मुजको लंड अंदर घुसाते ही खुद को ऊपर करना था. और में लंड घुसकर ऊपर गया.

फिर रुक गया थोड़ी देर. फिर ५ मिनट बाद मैंने अपना लंड और नीचे ले जाकर में गांड के होल को ढूंढने लगा और मुझको मिल गया लेकिन मेरा लंड छोटा होने के कारण उस तक ठीक से नहीं पहुंच पा रहा था. जिस वजह से अपने लंड का थोड़ा सा हिस्सा भी नहीं घुसा सकता था. में बस गांड की छेद को टच करके लंड रगड़ सकता था. उस वक्त मैं बहुत एक्साइटेड था और मेरे लंड में अजीब सी गुदगुदी हो रही थी.

जो हुआ कि गांड की वजह से थी. मुझे बहुत आनंद आ रहा था. फिर मैंने लंड को धीरे धीरे छेद में रगड़ना शुरू किया. अपने लंड को मैं अपने उंगलियों की मदद से छेद पर रगड़ा रहा था. मेरी उंगलिया बुआ की चड्डी के बहार से मेरे लंड को सपोर्ट दे रही थी. धीरे धीरे  में स्पीड बढ़ाते गया और अचानक बुआ उठ गई वह लेटी ही थी. और मेरा लंड चड्डी से बाहर नहीं आ रहा था. मेरा लंड रस से थोड़ा गीला था. मैंने लंड को वैसे ही रहने दिया और सोने का नाटक करने लगा. बुआ ने अपना एक हाथ पीछे किया और मेरे लंड को टच किया और उसको निकालने लगी. लेकिन वह नहीं निकल रहा था शायद वह अंदर जाकर और मोटा हो गया था. फिर बुआ ने चड्डी के छेद को और फाड़ा और लंड बाहर निकाल दिया. फिर पलट कर मेरी तरफ देखने लगी मैं सोने का नाटक कर रहा था. उन्होंने मुझको आवाज़ लगाई मुझको हीलाया और फिर अपना ब्लाउज और साडी ठीक करके फिर से सो गई.

मेरी गांड फट गई थी लेकिन मैंने 2 घंटे बाद बुआ को हीलाया और उसने कुछ रिस्पॉन्स नहीं दी तो मैंने फिर से अपना काम शुरू किया. मैंने साडी को कमर तक उठाया और छेद ढूंढने लगा. इस बार छेद बड़ा था बुआ ने उसको फाड़ दिया था इसलिए. और मैंने अपना लंड फिर से उसमें घुसाया और गांड के छेद तक ले गया.

फिर मैं गांड में अपना लंड रगड़ने लगा. और मेरी आंख बंद होने लगी थी और में मस्ती में मस्त था. फिर अचानक बुआ की उंगलियां पेंटी के ऊपर से मेरा लंड पर महसूस हुई और मैंने रगड़ना बंद कर दिया और लंड पीछे लेने लगा लेकिन बुआ की उंगलिया मेरे लंड को गांड के छेद के और पास ला रही थी.

में समज गया की अब बुआ रेडी है चुदवाने के लिए और बिना देर किए लंड को फिर से छेद पर टिका कर आगे बढ़ने लगा. और रगड देने लगा और फिर बुआ ने चड्डी को अपनी उंगलियों से और बड़ा किया. अब मेरा लंड आसानी से बुआ की चूत में घुसा सकता था. मैं झट से बूआ के ऊपर आया और अपना लंड बुआ की गांड की छेद में घुसाने लगा. बुआ ने पैर फैलाकर और उंगलियों की हेल्प से मेरा लंड गांड में घुसाया. मेरा लंड छोटा था तो बुआ को ज्यादा दर्द नहीं हुआ.

फिर मैं 3 मिनट में जड गया.  मैंने रस बुआ की गांड में ही डाल दिया और थक कर सो गया. पहली बार मेरे लंड से रस निकला था मैं अपने आप बुआ के ऊपर से नीचे गिर गया और सो गया और बूआ भी सो गई…

Warning: This site is just for fun fictional SexyStories | To use this website, you must be over 18 years of age


Online porn video at mobile phone


mosi ladki ke sath sex sexy hindi stories2019Mama bhanji ki virgin porn kahaniramnagar kisi sexi bhabhi mobail nabdadi nani ki chudaisexxibhabhiwmarwari chudai kahanididi ki gaandhindi sex story in trainboss ki biwi ki chudaisasur ji ne ki chudaiखेत में लिटा के मां की बुर पेला2018 meri biwi aur meri ma chudakker hindi mesexstoryhindiपोती ने दादा से खुजली मिटाईsasur ka mota lunddesi family sex storiesbua ki beti ko chodameri real antarvasna ki kahani in antarvasns.comपापा के दोस्तो ने चोदा ग्रुप मेindian sex hindi storyअंकल मेरी मम्मी को बुरी तरह से चोद रहे थेantarvasna mc susuMeri mummy or buwa lasbian hindi sax storyकामवाली को ठंड के मौसम में चोदाbudiya ko chodabahan ki chudai in hindi storyLesbian bhabhi ka dodh piya hindi kahanimari antarvasnamaa ko blackmail kiyabhabhi ko maa banayasneha ko pregent kiyachudai Hindi sex storiesमौसी ki chudai malish kar kefarmhouse per budhi aurat ko chodapapa ne gay gaandu bete ko dusri biwi banayaschool teacher ki chudai ki kahanibhabhi ko jabardasti choda storygirlfriend ki maa ki chudaiarmy wale ki wife ko chodaदादी की गाण्ड मारी ठण्ड मेंsex story bhabi ko chodasex porn bhai behan chudai kahania hindisexstroieshक्कोल्ड की कहानीMaharashtra yan suhagrat xxx comfree sexy storiesghumne gaye vaha par badi gand chodi sex storysasur ne choda sex storychoti bahan ki chudai storyboss ne mummy ko chodaboss ne mummy ko chodabhai bahan sexy story in hindiMAA KO KHET ME CHODA GALYA DE KARdidi ki mahawari kamukta kahanibehan ki chut me landmom ki chekhe chudai kahanichachi ki chodai ki kahanitrain sex kahaniyan kamukh didi train me chudi ajnabi mardon semausi ki chudai hindi storyWww.tadpa tadpake aunty ki gand mari ki kahaniya.comINCEST KHANDIT HINDI KAHANINATI FUWA MOTA LAND XXX KAHANI HINDIमेरी बीवी मस्त गाँड़ फाड् दी मादरचोदों नेWww.hindi lesbo kahaniya with photo.comsali ki chut maariऑफिस वाले आदमी ने मम्मी कि चुदाईthe sex story in hindihindi sexy storemodeling ke bahane chudaibua mausi ki chudaibhaiya ne mujhe car sikhane ke bahane chodasasur se chudicar me bahen ka bubb dabayaantarvasna baap beti chudaiबीवी के साथ थ्रीसम सेक्स मारी नई कहानी 2019maa ki jabardasti gand mariboss ke dosto ne gangbang kiyaगाड चाटने की लेसिबियन कहानीयाjabardasti gand Mari chillane jagichudai sikhidesi incest story in hindisadi suda bahan ki chudaibhatize se karwai tel malisrajni ki chutindiansexstorieaAmir aurat gigolo hindiGao ke khet me mutte hui chut dekhi sex storybete ne gand maraxxx porn video sex auntry Hindi Hindi Chhote bacche ki sex video aunty ke 60दीदी ने चूत का इन्तजाम किया मा सेchudai ke chutkule hindigaandu storiesporn stories in hindi languagebhai ne meri gand marimeri cudaikuwari mausi ki chudaiमेने मिलकर अपनी बहन का Gangbang करवाया Hindi sax storymeri bibi ki chudaemammy or unkal ka pyar ki sexy kahani